Uttarakhand Politics: उत्तराखंड दौरे पर आएंगे राहुल गांधी, विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस करेगी शक्ति प्रदर्शन
Rahul Gandhi to Visit Uttarakhand
देहरादून। Rahul Gandhi to Visit Uttarakhand. उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश धीरे-धीरे महसूस की जाने लगी है। सत्ताधारी दल भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसे दिग्गजों के चुनावी हुंकार भरने के बाद अब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी पलटवार की पटकथा लिखने जा रही है।
इसी कड़ी में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का इस माह के आखिर या अगले माह के प्रथम सप्ताह में उत्तराखंड दौरा प्रस्तावित है। गढ़वाल व अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्रों में उनकी जनसभाएं हो सकती हैं। इनके माध्यम से वह राज्य में कांग्रेस के चुनाव अभियान का शंखनाद करेंगे।
राज्य की चुनावी पिच पर भाजपा पहले ही फ्रंट फुट पर खेल रही है। उसके केंद्रीय नेताओं के दौरों और घोषणाओं के बाद बैकफुट पर नजर आ रही कांग्रेस को उम्मीद है कि राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे से खेल बदल सकता है।
प्रदेश कांग्रेस संगठन के बीच से भी पार्टी के केंद्रीय नेताओं को मैदान में उतारने की उठ रही मांग के क्रम में अब राहुल गांधी राज्य के दौरे पर आ रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार पार्टी हाईकमान से राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम का संदेश मिलने के बाद इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डा हरक सिंह रावत समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के मध्य इसे लेकर मंथन चल रहा है। राहुल गांधी के दौरे के दृष्टिगत गढ़वाल व अल्मोड़ा में जनसभाओं के कार्यक्रम निर्धारित कर हाईकमान को जल्द ही सूचना भेजी जाएगी।
उधर, राजनीतिक गलियारों में राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को भाजपाई दिग्गजों के जवाब में कांग्रेस की बड़ी चाल माना जा रहा है, लेकिन पार्टी में धड़ेबाजी, अंदरूनी खींचतान, संशय व अविश्वास के बादल अभी छंटे नहीं हैं।
इन सब परिस्थितियों के बीच राहुल गांधी उत्तराखंड आ रहे हैं तो सबकी जुबां पर यही बात रहेगी कि क्या उनका दौरा प्रदेश कांग्रेस को आपसी खींचतान से बाहर निकालकर संगठन में नई ऊर्जा भर पाएगा।
यक्ष प्रश्न यह भी है कि क्या उनका दौरा धड़ेबाजी पर विराम लगा पाएगा। यही नहीं, प्रदेश अध्यक्ष सात माह से अपनी टीम के गठन का इंतजार कर रहे हैं, क्या इसकी गुत्थी भी सुलझ पाएगी। कांग्रेस के अलावा भाजपा भी राहुल गांधी के दौरे को इस चश्मे से देखगी।